Page Experience क्या है? Page Experience Update kya hai

दोस्तों, आज हम बात करेंगे Page Experience क्या है? Page Experience जो Google द्वारा हाल ही में लांच की हुई Updates है।अगर आपकी Website गूगल में rank नहीं करती है तो हो सकता है कि  आपकी Website का Page Experience खराब हो जिसकी वजह से Users आपकी Website से रिटर्न हो जाते हैं और किसी दूसरी Website पर जाते हैं जहां पर उन्हें अच्छा Experience मिलता है।

Page Experience क्या है?

अगर Users, Website के पेज पर आकर जल्दी ही रिटर्न हो जाते हैं जिस वजह से आपके Web Pages, Google के Search Results में नहीं आ पाते हैं और Rank नहीं हो पाते। आपकी वेबसाइट में loading होने में अधिक Time लगने से Users को एक अच्छा Experience नहीं मिल पाता और Users जल्दी Return हो जाते हैं और किसी दूसरी वेबसाइट पर जाकर Article पढ़ते हैं जहां पर उसे अच्छा Experience मिलता है और वह उस वेबसाइट पर बार-बार जाने लगता है।

कुछ Leading वेबसाइट के अनुसार यदि कोई Website 3 sec से ज्यादा समय में Load नहीं होती है तो इस वजह से लगभग 40% से ज्यादा Users Website से Return हो जाते हैं और यही वजह है कि Website से यूजर को अच्छा Experience नहीं मिलता है और जिससे Users के Visit करने के 85% chances कम हो जाते हैं। तो आज हम बात करेंगे Page Experience क्या होते हैं इस आर्टिकल में पूरी जानकारी देने की कोशिश करेंगे इसलिए कृपया पूरा Article पढ़ें।

Page Experience kya hai? (What is Page Experience in Hindi)

Page Experience क्या है? Google हमेशा समय-समय पर बहुत सारे Updates लाता रहता है जोकि Users के Experience Facility को बहुत बढ़ाते हैं Page Experience इन्हीं Updates में से एक है जिसको Google ने नहीं हाल ही में पूरी तरह से Roll Out कर दिया है और यह SEO का एक बहुत ही Important Part है है जो कि आपकी Website को Rank करने में बहुत मदद करेगा।

Google के अनुसार Page Experience में कई सारे Factors होते हैं कई Signals होते हैं जो आपको, आपकी Web Pages में जो Improvements आवश्यक है उन्हें कैसे करना है वह बताते है।

दोस्तो, Page Experience, Signals का एक ऐसा Set है जो कि यह  Measure करता है कि कोई भी User जो आपकी Website की किसी Web Page पर आ रहा है वह कितना Time आपकी Website पर रहता है और उस दौरान User क्या-क्या Activities करता है।

Page Experience के अंतर्गत कई Factors होते हैं जिसमें वे Factors भी होते हैं जो कि एक Metrics का एक Group है जिसका काम होता है की Web Pages का Performance कैसा है? User का Interaction  कैसे होता है इन सभी चीजों को वह Measure करता है।

techjury.net के अनुसार 80% जो Internet Users हैं उनके पास Smartphones है। जिनके जरिए Website का 75% Traffic Google के जरिए आता है। दोस्तों Google केवल उन्हीं वेबसाइट को  करता Support करता है जिनका Page Experience बहुत अच्छा होता है।

जब User किसी Websites पर जाता है यदि वहां उसका Interaction अच्छा होता है उसे कोई Problem नहीं होती है और उसे उसकी Problem का Solution उसको मिल जाता है तो User उसी वेबसाइट पे दोबारा जाएगा। यदि किसी Website पर उसका Interaction अच्छा नहीं होता साथ ही  उसकी Query solve नहीं होती तो वह वहां नहीं जाता। इसलिए जहां User की Problems का समाधान हो उसे कोई दिक्कत ना हो वहां User Experience अच्छा होगा। ऐसी Website को Google अपनी Search Results में दिखाएगा और उसे Rank करेगा।

Google के Ranking Factors क्या है?

दोस्तों, किसी भी website की किसी web page को मापने के लिए google के पास लगभग 200 से अधिक Ranking Factors हैं और यह सभी Factors बहुत ही Important है किसी भी Website को Search में Rank करवाने के लिए Needed Factors इस प्रकार हैं:

  • Domain
  • Backlinks
  • Title Tags
  • Meta Description
  • AMP
  • Domain Authority
  • Internal Linking
  • SSL Certificate (HTTPS)
  • Site Map (XML and HTML)
  • Search Intent
  • Keyword density
  • Content Accuracy

दोस्तों, यह सभी Ranking Factors, User के Engagement को बढ़ाने के लिए बहुत important है।

Page Experience के Signals क्या-क्या है?

दोस्तों, पहले Google Search Console में total 4 Search Signals होते थे लेकिन अब एक नया Search Signal को Page Experience में ad किया गया है जिसे Core Web Vitals कहते हैं। इस प्रकार Page Experience में अब 5 Search Signals है जो कि इस प्रकार हैं:

1. Core Web Vitals

सबसे पहले Page Experience मै Core Web Vitals आते हैं जिन्हें गूगल ने कुछ टाइम पहले ही लॉन्च किया है| Core Web Vitals, Signals एक ऐसा समूह है जो किसी भी Web Page के Loading, Interactivity और Visual Stability को measure करता है अगर आप चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट गूगल के Search Engine में rank करें तो आपकी वेबसाइट का इन तीनों में अच्छा performance होना बहुत जरूरी है इससे एसपीओ मैट्रिक्स भी कहते हैंCore web vitals

A. Largest Contentfull Paint (LCP)

LCP किसी भी Website के लिए बहुत Important Vital है। किसी भी User के लिए वेब पेज का Experience अच्छा होने के लिए बहुत जरूरी है कि आपकी Website के वेब पेज की Loading Speed अच्छी होनी ही चाहिएं। इस Loading Speed को Google द्वारा LCP के जरिए Measure किया जाता है।

यदि किसी Website की Loading Speed 2.5 sec है तो Google द्वारा यह सबसे Best मानी जाती है।यदि यह LCP 4 sec है तो Google इसे Needs Improvements के लिए कहा जाएगा। अगर LCP स्कोर 4 sec से ज्यादा है तो Google इसे  Poor Category में रखेगा।

B. First Input Delay (FID)

FID द्वारा किसी भी LCP के समान किसी website के Web Page को Measure किया जाता है, अगर किसी User का आपके Website के Web Page पर Interact 100 ms होता है तो इसे सबसे अच्छा माना जाएगा और यदि यह 300 ms है तो आपको improvements के लिए कहा जाएगा और यदि User Interact 300 ms से अधिक है तो आपकी Website के FID को Poor Category में रखा जाता है जो कि Google के अनुसार अच्छा नहीं होता है।

C. Cumulative Layout Shift (CLS)

CLS क्या है इसका काम किसी Website के Web Page की Visual Stability को measure करना है जैसे कि आपकी Website के किसी वेब Page का CLS 0.1 होता है तो यह अच्छा है यदि CLS 0.25 है तो इसका अर्थ है Needs Improvements और CLS 0.25 से अधिक है तो यह Poor Category में आता है।

2. Mobile Usability

Mobile Usability क्या है यह Page Experience का बहुत Important Part है Google के अनुसार Mobile Usability द्वारा यह Measure किया जाता है कि जब कोई भी User आपकी Website के किसी Web Page को मोबाइल में Open करता है तो उसका Experience कैसा रहता है।

Web Page यूजर के लिए Mobile Friendly होना चाहिए यदि User के लिए Mobile Usability Experience  अच्छा है तो Google भी इसे अच्छा मानेगा।

3. Security Issues

Security Issues द्वारा Website के Web Page के URL के Security Issues को Measure किया जाता है। जैसे कि आप अपनी Website, blog पर कोई Information या Product Sell करते है तो आप User की Details लेते है तो यह Information Confidential रखी जानी चाहिए।

4. HTTPS Usage

HTTPS Usage द्वारा यह Measure किया जाता है कि आपकी Website, Visitors के लिए Secure है कि नहीं। यदि आपकी Website HTTPS से Secure है तभी Google और Visitors को आपकी Website में trust होगा।

HTTPS Security के लिए आपकी Website में SSL Certificate होना जरूरी है तभी आपकी Website में Google द्वारा Right Click दिखाया जाएगा।

5. Ad Experience

Ad Experience द्वारा यह Measure किया जाता है कि आपके Ads द्वारा User को कोई प्राब्लम तो नहीं हो रही। अगर User आपकी Website पर Visit करता है और User को बार बार Ad दिखाई देता है तो वह परेशान हो जाता है और Content पे ध्यान नहीं दे पाता जिससे उसका Experience आपकी Website पे अच्छा नहीं रहता है और वह जल्दी ही return हो जाता है जिससे आपकी Website का bounce rate बढ़ जाता है। Google आपकी Website को rank भी नहीं करता और आपकी वेबसाइट को down कर देता है।

इसलिए हमें ये ध्यान रखना चाहिए कि user को आपकी Web Page पे अच्छा Ad Experience मिले।

Page Experience क्यों जरूरी है?

Page Experience क्यों जरूरी है? दोस्तो, अगर आप सोचते है कि Google किसी Website को High DA और Back links के आधार पर Rank करता है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है।

दोस्तो, Google किसी Website को User के Experience के आधार पर Rank करता है। ये ज्यादा मायने नहीं रखता कि Website की अच्छी Backlinks और High DA है।

यदि User Google में कुछ Search करता है और Search Results से किसी Website पर जाता है, अगर Website में Quality Content और साथ ही Content User Friendly है तो user का आपकी Website पर Experience अच्छा होगा तो google ऐसी Website को अच्छा मानेगा और उसे Rank भी करेगा।

Page Experience Checker Tools कौन से है?

दोस्तों, जैसा कि Google ने बताया है कि आपकी Website के लिए Page Expereince कितना Important है। अब यह भी जानना बहुत जरूरी है कि आपकी Website के Page Experience को पता करने के लिए ऐसे कौन कौन से पेज Experience Checker Tools है जिनकी मदद से हम जान सकते है कि हमारी Website का Page Experience कैसा है? Page Experience Checker Tools इस प्रकार है:

  • Google PageSpeed Insight Tools
  • Chrome User Experience Report API Tools
  • Web Vitals Chrome Extension
  • Lighthouse in DevTools Page Experience
  • NewCore Web Vitals in Google Search Console

Page Experience के Errors को कैसे Fix करें?

Google Search Console में जब आप Page Experience देखेंगे तो वहां आपको कुछ Errors दिखाई दे सकते है। इन Errors को आप कैसे Fix कर सकते है यह भी आपके लिए जानना बहुत जरूरी है।

दोस्तो, Page Experience में कई Factors होते है और अगर इसमें से किसी भी Factors में कोई भी कमी है या Error है तो आपकी Website का Overall Page Experience खराब हो सकता है। इसलिए हर एक Factor को बहुत ही बारीकी से देखे।

आपकी Website के Core वेब Vitals जैसे LCP, FCP, FID के Errors को ठीक से देखे और उन्हें FIX करें। जिससे कि आपकी Website का Page Experience अच्छा रहे और Google आपकी site को रैंक करे।

 

 

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *